जो भी होता है।वह अच्छे के लिए
आज का मंत्र # जो भी होता है।वह अच्छे के लिए .....
जो भी होता है।वह अच्छे के लिए....अब यह अच्छा क्या है और बुरा क्या है। कभी आपने सोचा समझा है। तो जरा दोन मिनिट रुको और सोचो ।
जब कोई भी कार्य करने से अपनो के आनंद मिले तो अच्छा.....और यदि दु:ख मिले तो बुरा .... पर दोस्तों , आप जरा सोचिए .......यदि आप को दु:ख मिल रहा तब दुसरों को तो आनंद मिल रहा होता है। और जब आप आनंद महसूस करते हो तो वह दुःखी होता है।यह तो प्राकृतिक का नियम है। और उसे सदियो पहले १६८७ में संकलित किया गया है।
एक महान ब्रिटिश भौतिक व गणितज्ञ वैज्ञानिक थे। उनका नाम सर आय जॅक न्यूटन। उन्होंने दुनिया को एक नयी राह दिखाई। गति के नियम बताए ।उनका
तिसरा नियम यह है कि कोई भी कार्य करते हो तो उसके बराबर तथा उसके विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है। तो हम सिर्फ यह याद रखेंगे कि
" क्रिया - प्रतिक्रिया " यह नियम वर्तमान स्थिती मेें भी चल रहा है।
तो उसमें आप को परेशान होने कि जरुरत नही।
कार्य करते रहो प्रतिक्रिया अपने आप खुद का रास्ता ढुढती हुई आपके पीछे पीछे आएगी।
तो आखिर में हम सिर्फ यह याद रखेंगे .....जो भी होता है।वह अच्छे के लिए .....होता है ।
लेखन कौशल्य-उदय माळगांवकर

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