सोमवार, ७ फेब्रुवारी, २०२२

जिंदगी - मोबाइल के साथ और मोबाइल के बिना

जिंदगी - मोबाइल के साथ और मोबाइल के बिना 

आज कल हमारी जिंदगी मोबाइल  के साथ बहुत ही कठिन और मेहनत भरी हुई है। हम मोबाइल के बिना रह ही नही सकते।जरा सोचिए, हमारा मोबाइल कुछ देर के लिए  हमसे दूर हो गया । तो हम कैसे अपने आप से बर्ताव करते है। जिसे बिना पाणी कि मछली।
पर आप जानते हो कि यदि हम मोबाइल को कुछ देर के लिए अपने से दूर  रखे । तो क्या  होता है।क्या फायदा या क्या लाभ मिलता है।मोबाइल से ज्यादातर लोग यह बात गंभीर से नही लेते कि मोबाइल का इस्तेमाल ज्यादा देर तक किए तो उससे उत्पन्न होनेवाले रेडिएशन से आपको सिरदर्द और काम मे रूची कम हो जाती है।-रेडिएशन से लंबे समय के बाद प्रजनन क्षमता में कमी, कैंसर, ब्रेन ट्यूमर और मिस कैरेज होती है। -शरीर और दिमाग में मौजूद पानी धीरे-धीरे बॉडी रेडिएशन को अब्जॉर्ब करता है। -मोबाइल के रेडिएशन से कैंसर, ऑर्थराइटिस, अल्जाइमर और हार्ट डिजीज का खतरा रहता है।यह हो गये,मोबाईल से होनेवाले नुकसान के बारे हमने आपको ज्ञात किया।परंतु मोबाईल से फायदे भी बहोत है।जैसे मोबाइल फ़ोन आज स्मार्ट हो गए हैं और हर दिन कई आधिकारिक उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाता है। आज इनका उपयोग रोजमर्रा के कार्यों के प्रबंधन के लिए किया जाता है जैसे – मीटिंग शेड्यूल, दस्तावेज भेजना और प्राप्त करना, प्रस्तुतिकरण, अलार्म आदि देना। मोबाइल फोन हर ऑफिस गोअर के लिए एक आवश्यक गैजेट बन गए हैं।

तो अब आप समझ सकते है कि मोबाइल का इस्तेमाल करके आप को फायदा और नुकसान दोनो हो सकता है।तो अब क्या करे।

जानकार लोग इस बात को बहोत ही अच्छे तरह समझ चुके है। मोबाइल का इस्तेमाल उतना ही करे।जितना जरूरत महसूस करते हो। हररोज की जिंदगी मे एक नियम निश्चित करे कि शाम होने के बाद, मतलब रात के करीब करीब आठ बजे से सुबह सह बजे तक मोबाइल का उपयोग करना वर्जित है।मोबाइल  को अपने से दूर रखे।या उसका इस्तेमाल ना के बराबर है।

शुरूआती  दौर मे आपको यह करना कठिन होगा।लेकिन एक बार आदत बन गई  तो फिर मुस्किल नही है। आप एक बार ठान लिए तो,कोई भी कठिन काम कर सकते हो।सिर्फ अच्छा विचार आपके मन मे आना चाहिए। 

कोशिश करने वालों की हार नही होती है।हम आप को यहाॅ एक कविता सुनाते है।

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है
जा जाकर खाली हाथ लौटकर आता है
मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में
बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम
संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम
कुछ किये बिना ही जय जयकार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

अंत मे हम आपको एक बात गंभीर से बताते है कि मोबाइल का इस्तेमाल करो पर जितना जरूरी है। मोबाइल का जादा इस्तेमाल करोगे तो नुकसान आपको ही भुगतना है।जैसे करोगे वैसा ही पायोगे।

सर सलामत तो पगड़ी पचास।जिंदगी अच्छी रही तो मोबाइल कुछ भी नही।पहले भी जिंदगी हम जी रहे थे।जब दूर दूर तक उसका कोई नामोनिशान नही था। और अब भी हम जिंदगी जी रहे है।

तो अब आप समझ चुके होगे कि  हमारी जिंदगी मोबाइल के  साथ और मोबाइल के बिना भी बहोत ही अच्छी है।फैसला आप को करना है।

लेखन कौशल्य-उदय माळगांवकर

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